Rain Alert in April: अप्रैल महीने में भी पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम बदलने वाला है. इससे उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का नया दौर शुरू होने का अलर्ट है.

हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का दौर
हिमालय क्षेत्र में जो बवंडर उठा है और बलूचिस्तान के पूर्वी क्षेत्र से भारत की ओर बढ़ रहा है. मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों के साथ उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 2 से 4 अप्रैल के बीच बारिश होने का अलर्ट जारी किया है. तीन अप्रैल को ज्यादा बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने का सिग्नल है.हिमालय के ऊपरी क्षेत्रों यानी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी होने का अलर्ट जारी किया गया है. जबकि मैदानी इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी.
कई राज्यो में बारिश और बर्फबारी
पश्चिमी विक्षोभ की यही लहर बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि बनकर कहर बरपा रही है. मौसम विभाग के अनुसार, एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ 3 से 5 अप्रैल के बीच कई भारतीय राज्यों से टकराने वाला है. इससे भारी बारिश, बर्फबारी, गरज के साथ तूफान, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलेंगी. इससे उत्तरी मैदानी इलाकों में बारिश और तूफान की आशंका है. इससे पहले मार्च का महीना पहले ही अचानक मौसम परिवर्तन और कई पश्चिमी विक्षोभों से भरा रहा है. अब अप्रैल के पहले हफ्ते में भी ऐसा ही होने की आशंका है.

weather
अप्रैल में मौसम कैसा रहेगा?
अप्रैल 2026 में उत्तर भारत में दूरस्थ क्षेत्रों से उत्पन्न एक शक्तिशाली प्रणाली के आने और उत्तर-पश्चिम भारत से गुजरते हुए और अधिक तीव्र होने की आशंका है. यह मौसमी प्रणाली गुजरात-राजस्थान सीमा के बेहद करीब से गुजरेगी और भीषण मौसम की स्थिति उत्पन्न करेगी.जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी तीव्र वर्षा और पर्वतीय क्षेत्रों में भारी हिमपात की संभावना है.पंजाब और राजस्थान में व्यापक गरज-चमक और तेज हवाओं का सामना करना पड़ सकता है, जबकि गुजरात के उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्रों और आंतरिक भागों पर इसका काफी प्रभाव पड़ेगा.

Weather Delhi
अप्रैल में कहां-कहां बारिश
उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भीषण मौसम का खतरा है.जैसे-जैसे यह सिस्टम पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ेगा, वैसे-वैसे ओडिशा और पश्चिम बंगाल में इसका असर आने वाले दिनों में देखा जा सकता है.


