
RIMS: झारखंड हाईकोर्ट ने रिम्स और राज्य सरकार को एक मामले की सुनवाई करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया है. यह मामला रिम्स में मरीजों के बेहतर इलाज व बुनियादी सुविधाओं से संबंधित है. इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें खंडपीठ ने रिम्स से कई सवाल पूछे.
खंडपीठ ने पूछे सवाल
बता दें कि खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान प्रार्थी व प्रतिवादियों का पक्ष सुना. पक्ष सुनने के बाद खंडपीठ ने पूर्व आदेश के आलोक में राज्य सरकार, रिम्स व झारखंड बिल्डिंग कॉरपोरेशन को जवाब दायर करने का निर्देश दिया. इस दौरान पूछा गया कि सरकार ने राशि आवंटित की है, तो उस राशि का क्या-क्या उपयोग किया गया. कौन-कौन मेडिकल उपकरण खरीदे गये, क्या टेंडर निकाला गया.
होम गार्ड का भुगतान बढ़े
इधर, रिम्स के अपर चिकित्सा अधीक्षक ने विभाग को एक पत्र लिखा है. पत्र में अस्पताल में तैनात होम गार्ड को बढ़ी हुई दर पर दैनिक कर्तव्य भत्ता का भुगतान किये जाने की बात है. अधीक्षक ने बताया कि संशोधित दर पर होम गार्ड को 1088 रुपये दैनिक कर्तव्य भत्ता के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है. अप्रूवल मिलने पर सभी होम गार्ड को हर दिन के हिसाब से 1088 रुपये दैनिक कर्तव्य भत्ता का भुगतान किया जायेगा.
पुराने दर पर मिल रहा भत्ता
मालूम हो कि वर्तमान में रिम्स में काम करने वाले होम गार्ड को पुराने दर से एक दिन का कर्तव्य भत्ता मिलता है. यह महज 500 रुपये प्रतिदिन ही है. जबकि गृह विभाग की ओर से संशोधित दर पर होम गार्ड का दैनिक भत्ता 500 से बढ़ाकर 1088 रुपये कर दिया गया है.




