नए साल का स्वागत करने से पहले ही दिल्ली-एनसीआर खतरनाक प्रदूषण स्तर की गिरफ्त में आ गया है. रविवार की सुबह राजधानी दिल्ली स्मॉग की मोटी चादर में लिपटी दिखाई दी, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 391 दर्ज किया गया.
दिल्ली में प्रदूषण का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार की सुबह दिल्लीवासी एक बार फिर स्मॉग की मोटी चादर के बीच जागे, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 391 के साथ ‘खतरनाक’ श्रेणी में दर्ज किया गया. हालात इतने गंभीर हैं कि दिल्ली के 39 में से 20 निगरानी केंद्रों पर हवा ‘गंभीर’ (Severe) स्तर पर पहुंच गई है. पड़ोसी शहर नोएडा की स्थिति और भी बदतर है, जहां AQI 415 दर्ज किया गया है.
20 सेंटर ‘सीवियर’ जोन में पहुंचे
दिल्ली में प्रदूषण निगरानी के 39 केंद्रों में से 20 सेंटरों ने हवा की गुणवत्ता को ‘Severe’ (गंभीर) श्रेणी में रिकॉर्ड किया, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत नुकसानदायक माना जाता है. कई इलाके जैसे कि आनंद विहार, वजीरपुर, रोहिणी और अक्षरधाम में AQI 440+ स्तर तक दर्ज किया.
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नोएडा की स्थिति और भी खराब
दिल्ली से सटे नोएडा में हालात इससे भी ज़्यादा बिगड़े हुए रहे. सेक्टर-125 में AQI 414, जबकि कुछ अन्य स्थानों पर AQI 443 तक दर्ज किया गया, जो साफ तौर पर ‘Severe’ ज़ोन में आता है.




