
डिजिटल डेस्क | लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विजन और नई टाउनशिप नीति के प्रभाव से उत्तर प्रदेश का रियल एस्टेट सेक्टर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। UP RERA की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में प्रदेश में रियल एस्टेट निवेश ₹44,526 करोड़ से बढ़कर ₹68,328 करोड़ पहुंच गया—यानी 53.5% की प्रभावशाली वृद्धि।

टाउनशिप नीति से रफ्तार
सरकार ने टाउनशिप परियोजनाओं के लिए न्यूनतम भूमि आवश्यकता 25 एकड़ से घटाकर 12.5 एकड़ कर दी है। साथ ही 3–5 वर्ष में परियोजनाएं पूरी करने की बाध्यता से खरीदारों के हित सुरक्षित हुए हैं। नतीजतन, बीते वर्ष 309 नई परियोजनाएं पंजीकृत हुईं।
एनसीआर से बाहर भी बूम
पहले रियल एस्टेट का केंद्र एनसीआर माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदली है। कुल 308 पंजीकृत परियोजनाओं में से 186 गैर-एनसीआर जिलों में शुरू हुईं, जबकि एनसीआर में 122 रहीं।
लखनऊ: 67 नए प्रोजेक्ट्स के साथ निवेश का सबसे बड़ा केंद्र।
मथुरा और बरेली: क्रमशः 23 और 15 नई परियोजनाएं—धार्मिक पर्यटन व औद्योगिक विकास का असर।
धार्मिक कॉरिडोर का असर
धार्मिक पर्यटन से जुड़े शहरों में आवासीय व होटल संपत्तियों की मांग तेज़ हुई है। वाराणसी में 9, प्रयागराज में 7 और अयोध्या में 5 बड़े प्रोजेक्ट्स का पंजीकरण इस ट्रेंड को दर्शाता है।



