
लखनऊ।
राजधानी के सरोजिनी नगर क्षेत्र स्थित राजघराना स्मार्ट सिटी के सैकड़ों निवासियों ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से अपनी कॉलोनी को वैध घोषित करने की मांग दोहराई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्ष 2017 से यह कॉलोनी विकसित हो रही है और वर्तमान में यहाँ करीब 100 परिवार पूर्ण रूप से निवास कर रहे हैं।
कॉलोनी का समुचित विकास राजघराना स्मार्ट सिटी वेल्फेयर रेजिडेंशियल सोसाइटी (रजि.) के माध्यम से किया गया है। निवासियों ने बताया कि इस क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं जैसे रोड, सीवरेज और विद्युत आपूर्ति पूरी तरह उनके निजी संसाधनों से की गई है।
नहर पर बनाई गई पुलिया भी निजी प्रयास
स्थानीय लोगों ने बताया कि सिंचाई विभाग की नहर पर पुलिया का निर्माण भी निवासियों के निजी सहयोग से कराया गया, जिससे कॉलोनी में प्रवेश और आवागमन संभव हो सका।
बिजली भी खुद के खर्चे से पहुंचाई
विद्युतीकरण हेतु भी कोई सरकारी अनुदान नहीं मिला बल्कि कॉलोनीवासियों ने बिजली विभाग से अनुमति लेकर निजी खर्च से पूरे क्षेत्र में ट्रांसफार्मर, पोल एवं कनेक्शन की व्यवस्था कराई है।
नगर निगम को दे रहे हैं हाउस टैक्स
कॉलोनी के निवासी नियमित रूप से नगर निगम को हाउस टैक्स जमा कर रहे हैं, जिससे यह साफ है कि वे शासन-प्रशासन की राजस्व व्यवस्था में योगदान दे रहे हैं।
एलडीए से नक्शा पास कराने की रही कोशिश
पूर्व उपाध्यक्ष श्री इंद्रमणि त्रिपाठी से कॉलोनी को वैध कराने के लिए नक्शा पास कराने का प्रयास किया गया था, लेकिन उन्होंने बताया कि इसके लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज) सहित अनेक विभागों की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की आवश्यकता होगी।
पुनरीक्षण वाद दाखिल, कार्रवाई की प्रतीक्षा
इस संबंध में सोसाइटी द्वारा शासन व प्राधिकरण में पुनरीक्षण वाद एवं वैधता हेतु आवेदन प्रस्तुत किया जा चुका है। निवासियों का कहना है कि वे नियमानुसार शुल्क भी देने को तैयार हैं, परंतु अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
एलडीए अधिकारियों की उपस्थिति से भय का माहौल
निवासियों का कहना है कि कार्यवाही लंबित होने के बावजूद एलडीए के कुछ अधिकारी समय-समय पर कॉलोनी में निरीक्षण करने आते हैं, जिससे लोगों में भय का वातावरण उत्पन्न हो रहा है।
“हम सभी नियमों का पालन कर रहे हैं, निजी खर्च से विकास कार्य कराए हैं, फिर भी हमारे साथ दोहरा मापदंड क्यों?” – यह सवाल स्थानीय नागरिक बार-बार उठा रहे हैं।
इर्द-गिर्द की कॉलोनियों पर नहीं हो रही कार्रवाई
राजघराना स्मार्ट सिटी के आसपास कई कॉलोनियाँ बिना किसी आधार के विकसित हो रही हैं, जिनमें न तो कोई सुविधा है, न ही नक्शा पास है, फिर भी उन पर किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्यवाही नहीं की जा रही है।
निवासियों की मांग
- पुनरीक्षण वाद पर शीघ्र निर्णय लेकर कॉलोनी को वैध घोषित किया जाए।
- जब तक प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई या निरीक्षण से उत्पन्न भय न फैलाया जाए।
- समान न्याय के सिद्धांत के अंतर्गत अन्य अवैध कॉलोनियों पर भी उचित कार्यवाही की जाए।
संपर्क
अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता एवं सचिव शंकर दयाल गुप्ता ने बताया कि कॉलोनी के सभी निवासी विकास प्राधिकरण व शासन के सहयोग से वैधता की दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं।




