
झारखंड के 65 लाख गरीब परिवारों को सरकार द्वारा रियायती दर पर राशन उपलब्ध कराया जाता है. राशन कार्डधारियों को प्रतिमाह मिलने वाले राशन के साथ 1 किलो नमक भी मिलता है, लेकिन बीते 6 महीनों से नमक का वितरण नहीं हो रहा है. पिछले वर्ष दिसंबर माह में अंतिम बार नमक का वितरण हुआ था. दिसंबर में पीडीएस दुकान से लगभग 33 प्रतिशत लाभुकों को एक-एक किलो नमक मिला था.
1 रुपये किलो की दर से मिलता है नमक
मालूम हो नमक वितरण योजना वित्तीय वर्ष 2011-12 में शुरू की गयी है. इस योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े परिवारों को प्रतिमाह एक किलो फ्री-फ्लो रिफाइंड आयोडीनयुक्त नमक का वितरण 1 रुपये किलो की दर से किया जाना है. इधर, वित्तीय वर्ष 2022-23 में झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े लाभुकों को भी इस योजना से जोड़ा गया.
जुलाई माह से नमक मिलने की उम्मीद
इस योजना के तहत नमक आपूर्ति के लिए राज्य में प्रतिमाह 6500 मिट्रिक टन नमक की जरूरत है. जेएसएफसी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के फोर्थ क्वार्टर (जनवरी से मार्च) और वित्तीय वर्ष 2025-26 के फर्स्ट क्वार्टर (अप्रैल से जून) के नमक वितरण को लेकर टेंडर निकाला है. सरकार इन तीन माह के लिए 39000 मिट्रिक टन नमक की खरीद करेगी. जून में नमक खरीद की प्रक्रिया पूरी होगी. ऐसे में लाभुकों को जुलाई माह में ही नमक मिल पायेगा.



