
लोक निर्माण टाईम्स | लखनऊ | विशेष संवाददाता लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा प्रस्तावित वेलनेस सिटी योजना अब न केवल राजधानी के लोगों के लिए एक नया आधुनिक आवासीय विकल्प बन रही है, बल्कि इससे अवैध प्लानिंग माफियाओं की नींव भी हिलती नजर आ रही है। एलडीए की प्रवर्तन टीम ने अब तक वेलनेस सिटी और आईटी सिटी योजनाओं के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में 38 से अधिक अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया है।
LDA के अधिकारियों के अनुसार इन कॉलोनियों को बिना किसी वैधानिक अनुमति, बिना बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़क, सीवर, विद्युत आदि) के ही प्लाटिंग करके भोली-भाली जनता को गुमराह कर बेचा जा रहा था। इस पर एलडीए ने सख्ती दिखाते हुए प्रवर्तन ज़ोन-1 और ज़ोन-2 की टीमों को नियमित कार्रवाई में लगा दिया है।
अवैध प्लानिंग के नाम उजागर
प्राधिकरण द्वारा जिन प्रमुख अवैध योजनाओं पर कार्रवाई की गई है, उनमें शामिल हैं:
- साईं सिटी (ग्राम बक्कास)
- गोल्डन सिटी (मलूकपुर ढकवा)
- हर्ष विहार योजना (ग्राम चौरासी)
- सुपर ग्रीन सिटी (नूरपुर बेहटा)
- ग्लोरी गार्डन (मस्तेमऊ)
- ड्रीम होम स्कीम (चौरहिया)
- आराध्या एन्क्लेव (बक्कास)
- शिवांश ग्रीन सिटी (दुलारमऊ)
इन सभी योजनाओं को बिना LDA की अनुमति विकसित किया गया था। कई कॉलोनियों ने केवल विज्ञापन और भूखंडों की बिक्री की प्रक्रिया चलाई, लेकिन ज़मीन का वैधानिक विकास नहीं किया गया।
जनता को चेतावनी
एलडीए अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्लॉट की खरीद से पहले ldaonline.in पर जाकर योजना की वैधता की जांच अवश्य करें। कोई भी भूखंड खरीदने से पूर्व संबंधित योजना की प्राधिकरण से स्वीकृति, लेआउट प्लान और डवलपमेंट स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है।
वेलनेस सिटी – सुरक्षित और वैध विकल्प
सुल्तानपुर रोड पर प्रस्तावित वेलनेस सिटी योजना में एलडीए ने अब तक लैंड पूलिंग के तहत 27 भू-स्वामियों से लगभग 390 बीघा भूमि प्राप्त कर ली है। यहां 112.5 वर्गमीटर से 450 वर्गमीटर तक के 3000+ आवासीय भूखंड, ग्रुप हाउसिंग, मेडी-सिटी, और व्यवस्थित व्यापारिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।
संपादकीय टिप्पणी:
एलडीए की यह कार्यवाही लखनऊ में नियोजित विकास को बल देने वाली है। प्राधिकरण द्वारा की जा रही यह सख्ती न केवल अवैध प्लॉटिंग को रोकने का प्रयास है, बल्कि शहरवासियों को सुरक्षा और भरोसे के साथ घर उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है।



