लखनऊ, सुशांत गोल्फ सिटी
रिपोर्टर: लोक निर्माण टाइम्स विशेष संवाददाता
सेलेब्रिटी गार्डन हाउसिंग सोसाइटी, सुशांत गोल्फ सिटी, गोमती नगर विस्तार में क्लब हाउस के गेट पर लगाए गए शिलापट्ट को लेकर विवाद तेज़ होता जा रहा है। निवासियों का आरोप है कि यह निर्णय AOA की सामूहिक बैठक, विशेष आम सभा (GBM), या किसी पारदर्शी प्रक्रिया के बिना लिया गया है।
लोक निर्माण टाइम्स की पड़ताल:

जब सेलेब्रिटी ग्रीन सोसाइटी पहुँची टीम, तो वहाँ कोई शिलापट्ट नहीं मिला।
सोसाइटी के उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने कहा –
>”यह सिर्फ पब्लिसिटी है। अगर हमारे यहाँ किसी का नाम गेट या क्लब पर लिखा जाएगा तो ओनर बवाल कर देंगे।”
चंद्रा सोसाइटी में भी कहीं कोई शिलापट्ट नहीं मिला।
इन सोसाइटियों में सामूहिक ढांचों पर किसी का व्यक्तिगत नाम अंकित करने की मनाही और सजगता स्पष्ट रूप से देखी गई।
सेलेब्रिटी गार्डन में उठे सवाल:
निवासियों का कहना है कि क्लब, गेट या गार्डन जैसे साझा संसाधनों पर एक व्यक्ति विशेष का नाम अंकित करना लोकतांत्रिक भावना, पारदर्शिता और निष्पक्षता के खिलाफ है।
एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा:
> “अगर किसी को क्लब के गेट पर नाम लगवाना है, तो RWA के विकास कोष में कम से कम ₹11 लाख का योगदान दे – तभी नाम का औचित्य है।”
AOA की चुप्पी और जवाबदेही पर सवाल:
जब इस विषय में सेलेब्रिटी गार्डन के अध्यक्ष से पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा –
> “इस विषय में सचिव से बात कीजिए।”
लेकिन जब सचिव से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन नहीं उठाया गया।
यह स्थिति यह दर्शाती है कि AOA की ओर से कोई औपचारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है, जिससे निवासियों की नाराज़गी और बढ़ गई है।
इसके अतिरिक्त, वर्तमान में RWA अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ग्रुप से बाहर हो चुके हैं, और जो लोग BOM (Body of Members) में नहीं हैं, वे admin बनकर निर्णय ले रहे हैं। इससे RWA की वैधता और पारदर्शिता पर गम्भीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
निवासियों की प्रमुख मांगें:
1. शिलापट्ट पर तत्काल रोक लगे।
2. अगर नामांकन आवश्यक हो, तो वह AOA मीटिंग में पारित प्रस्ताव, दस्तावेज़ी प्रक्रिया, और सहयोग राशि की नीति के अनुसार हो।
3. अन्यथा, केवल यह लिखा जाए –
“Celebrity Garden AOA – निर्माण वर्ष”
ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
“सेलेब्रिटी गार्डन में नाम के लिए नहीं, समाज के लिए सेवा होनी चाहिए लक्ष्य।”
लोक निर्माण टाइम्स इस पूरे प्रकरण पर करीबी निगाह बनाए हुए है। यदि यह निर्णय निवासियों की भावनाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार कर थोपा गया, तो यह मामला सामूहिक विरोध, आरटीआई, और कानूनी कार्रवाई की दिशा में बढ़ सकता है।
क्या आपकी सोसाइटी में भी कोई जनहित का मुद्दा है?
संपर्क करें लोक निर्माण टाइम्स से – हम आपकी बात को देंगे मंच और मजबूती।
रिपोर्ट: लोक निर्माण टाइम्स टीम
सेलेब्रिटी गार्डन, लखनऊ




