
दर्दनाक हादसे पर अजीत का बयान
अजीत ने बताया कि 26 जुलाई को वह अपने माता-पिता और गांव के कुछ लोगों के साथ बैद्यनाथ धाम जल चढ़ाने आये थे. 28 जुलाई की रात बाबा पर जलार्पण के बाद 29 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे वे लोग बस (जेएच 15 एच-6357) से बासुकीनाथ नाथ जाने के लिए निकले, लेकिन सुबह 6 बजे के करीब जमुनिया जंगल, मोहनपुर के पास उनकी बस एक ट्रक से जोरदार टकरा गयी. बस में आगे बैठी अजीत की मां समदा देवी सहित तीन की मौके पर ही मौत हो गयी. एक की मौत सदर अस्पताल में इलाज के क्रम में हुई. वहीं पिता देवकी प्रसाद को गंभीर हालत में पहले सदर अस्पताल, फिर एम्स देवघर भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी.
ओवरटाइम कर रहा था चालक
इस पूरे घटनाक्रम ने अजीत ने बस ड्राइवर की लापरवाही और ओवरलोडिंग को हादसे का जिम्मेदार ठहराया है. उसने आरोप लगाया है कि बस मालिक चालक से ओवरटाइम में काम करवा रहे थे. ओवरटाइम करने के कारण ड्राइवर थका हुआ था. इसी कारण चालक को झपकी आई और यह दर्दनाक हादसा हो गया. मालूम हो इस दर्दनाक हादसे में चालक समेत 6 लोगों की मौत हुई थी. जबकि दर्जनों श्रद्धालु घायल थे.




