
SSC परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ दिल्ली में छात्रों और शिक्षकों ने प्रदर्शन किया. DOPT कार्यालय के पास शिक्षकों को मंत्री से नहीं मिलने दिया गया. पुलिस ने कई को खदेड़ा और अरेस्ट किया. शिक्षक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार की मांग कर रहे हैं.कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षा प्रक्रिया में हो रही धांधलियों और प्रशासनिक खामियों के खिलाफ दिल्ली में छात्रों और शिक्षकों का आक्रोश फूट पड़ा. ‘दिल्ली चलो’ मार्च से पहले ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिक्षक दिल्ली स्थित कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) कार्यालय के पास एकत्रित हुए और छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया.
इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को मंत्री से मिलने से रोक दिया. स्थिति तनावपूर्ण होते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, जिसमें कई शिक्षकों और छात्रों को वहां से खदेड़ दिया गया और कुछ को हिरासत में ले लिया गया.
छात्रों की आवाज को समर्थन देने पहुंचे थे शिक्षक
प्रदर्शनकारी शिक्षक SSC परीक्षाओं में पारदर्शिता और तकनीकी सुधार की मांग कर रहे थे. इनमें प्रमुख एजुकेटर नीतू मैम भी शामिल थीं. उन्होंने कहा कि सिर्फ जंतर-मंतर पर विरोध करने से कुछ नहीं होगा, जब तक छात्र और शिक्षक सीधे मंत्री और अधिकारियों से बात नहीं कर सकते.
क्या हैं आंदोलन की मुख्य वजहें?
- बार-बार परीक्षाओं का रद्द होना
- परीक्षा केंद्रों का गलत आवंटन और तकनीकी खामियां
- सिस्टम क्रैश और सर्वर समस्याएं
- कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें
शिक्षकों का कहना – बस बातचीत का मौका चाहिए
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्वक अपनी बात रखने आए थे लेकिन उन्हें मंत्री से मिलने नहीं दिया गया. उनका कहना था कि छात्रों की ओर से उठाई गई मांगें जायज हैं और इन्हें अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए.




