यूपी में तो मूर्तियां भी बोलती हैं… राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर ये ‘त्रिमूर्ति’ क्या दे रही संदेश

कोई राजनैतिक दल मूर्ति के प्रतीकों की राजनीति में पीछे नहीं है. इसमें कोई शक नहीं कि ये मूर्तियां महापुरुषों के योगदानों को आने वाली पीढ़ियों को सुखद संदेश देने का काम करती हैं.

मूर्तियां भले सजीव दिखें पर ये मूर्तियां कभी बोलती नहीं हैं. लेकिन जब बात सियासत की हो तो मूर्तियां भी बोलने लगती हैं. उत्तर प्रदेश की राजनीति में दशकों से मूर्तियों की अनसुनी आवाज ना सिर्फ अपनी विचारधारा के प्रचार प्रसार का जरिया रही हैं बल्कि इनसे समय-समय पर वोट बैंक भी मजबूत हुआ है. कांग्रेस से लेकर सपा, बसपा और भाजपा सबने अपनी अपनी विचारधारा के हिसाब से मूर्तियां लगाईं.

मूर्तियों से विचारधारा का प्रचार प्रसार

मूर्तियां किसी भी शहर की शोभा तो बढ़ाती ही हैं, साथ ही इनसे विचारधारा का प्रचार प्रसार भी होता है, जातियों का गौरव भी बढ़ाया जाता है तो कई बार ये वोट बैंक को साथ लाने का जरिया भी बनती रही हैं. पार्कों में, स्मारकों में, प्रेरणा स्थलों में, चौराहों पर, बाद स्टेशन से लेकर रेलवे स्टेशन और कई बार स्कूल कॉलेज में ये मूर्तियां लगाई जाती हैं. कभी सरकारी खर्च पर तो कभी सामाजिक खर्च से इन मूर्तियों को लगाया जाता रहा है.

इसी श्रृंखला में एक नई कड़ी आज जुड़ी जब यूपी की राजधानी लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया. इस प्रेरणा स्थल में जनसंघ और बीजेपी के तीन बड़े नेता, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्तियों का भी अनावरण किया गया. कांस्य से बनी 65-65 फीट की मूर्तियों से बीजेपी ने कई संदेश देने की कोशिश की है.

लखनऊ के वसंत कुंज इलाके में 230 करोड़ रुपयों की लागत से 65 एकड़ जमीन पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण किया गया है. गोमती नदी के किनारे जिस जगह ये प्रेरणा स्थल तैयार किया गया है, वहां कभी कूड़े का पहाड़ दिखाई दिया करता था. इस प्रेरणा स्थल में लगीं डॉ श्यामा प्रसाद, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की कांस्य से बनीं 65-65 फीट की मूर्तियां लगाई गई हैं.

उत्तर प्रदेश में पार्क, प्रेरणा स्थल और स्मारक प्रतीकों की राजनीति के केंद्रबिंदु में रहते हैं. कांग्रेस ने महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू के अलावा इंदिरा गांधी, राजीव गांधी समेत अपनी विचारधारा के नेताओं को मूर्तियां लगवाईं तो वहीं सपा ने राम मनोहर लोहिया, जय प्रकाश नारायण और जनेश्वर मिश्र जैसे समाजवादी नेताओं की मूर्तियां लगवाईं. बीजेपी ने भी अटल बिहारी वाजपेयी और दीन दयाल उपाध्याय की मूर्तियां लखनऊ में स्थापित कराई हैं.

यूपी में तो मूर्तियां भी बोलती हैं... राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर ये 'त्रिमूर्ति' क्या दे रही संदेश

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