Union Budget 2026-27 Expectation: अगर सरकार NAREDCO की सलाह मानती है, तो घर खरीदना आसान और सस्ता होगा. होम लोन पर ब्याज छूट बढ़ने से टैक्स में बचत होगी. वहीं, GST कम होने से घर की कीमतों पर असर पड़ेगा.
नई दिल्ली:बजट 2026 के आने से पहले रियल एस्टेट सेक्टर में हलचल तेज हो गई है. घर खरीदारों को बड़ी राहत देने के लिए रियल एस्टेट सेक्टर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को कुछ बड़े सुझाव दिए हैं. नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (NAREDCO) ने कहा कि घर खरीदने वालों के लिए होम लोन पर मिलने वाली ब्याज छूट अभी 2 लाख रुपये तक है, इसे बढ़ाकर 5 लाख किया जाना चाहिए.इसके साथ ही उन्होंने GST कम करने की भी सिफारिश की है.
अगर सरकार इस मांग को मान लेती है, तो न सिर्फ मिडिल क्लास के लिए अपना घर खरीदना आसान होगा, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा.
उनका कहना है कि भारत में रियल एस्टेट अभी भी कई टैक्स और नियमों की जटिलताओं से जूझ रहा है, जबकि अमेरिका जैसे देशों में करीब आधी आबादी किराए के घरों में रहती है और उन्हें इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट मिलता है.
होम लोन पर ब्याज छूट बढ़ाए जाने की मांग
NAREDCO ने सरकार को सुझाव दिया है कि होम लोन पर मिलने वाली ब्याज छूट 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की जाए. इससे घर खरीदना आसान होगा और लोगों को सीधे फायदा मिलेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ घर बनाने या खरीदने के लिए लोन मिलता है, लेकिन जमीन खरीदने के लिए भी लोन दिया जाए, तो निर्माण और घर खरीदना और आसान होगा.
250 से ज्यादा इंडस्ट्री रियल एस्टेट से जुड़ी हैं, इसलिए अगर घर बनेंगे तो इसका असर पूरे इकोसिस्टम पर पड़ेगा.
GST में कटौती की मांग
रियल एस्टेट सेक्टर ने यह भी सुझाव दिया कि GST को घटाया जाए. इससे नए घरों की कीमतों में कमी आएगी और आम लोगों के लिए घर खरीदना और किफायती होगा.
किफायती आवास और PMAY का असर
NAREDCO चेयरमैन निरंजन हीरानंदानी ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में 2 करोड़ और शहरी क्षेत्रों में 1 करोड़ घर उपलब्ध कराए जा चुके हैं. अगले साल इसके दूसरे चरण की शुरुआत होगी. मुंबई जैसे शहरों में भी करीब 50 प्रतिशत लोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं और इनका रीडेवलपमेंट आने वाले 5-7 सालों में किया जाएगा.
क्या आम आदमी को मिलेगा फायदा?
अगर सरकार NAREDCO की सलाह मानती है, तो घर खरीदना आसान और सस्ता होगा. होम लोन पर ब्याज छूट बढ़ने से टैक्स में बचत होगी, GST कम होने से घर की कीमतों पर असर पड़ेगा और जमीन खरीदने के लिए लोन मिलने से नए घर बनाने में आसानी होगी.



