Video: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को अपने X अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें मुलयाम सिंह यादव ने लोकसभा में जातिगत जनगणना करवाए जाने के पक्ष में मुद्दा उठाया था. देश में जातिगत जनगणना की मंजूरी मिलने के बाद विपक्षी पार्टी के नेताओं के बयानों का दौर शुरु हो गया है. इसी बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को अपने X अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें मुलयाम सिंह यादव ने लोकसभा में जातिगत जनगणना करवाए जाने के पक्ष में मुद्दा उठाया था.
अखिलेश यादव ने शेयर किया वीडियो
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि नेता जी केंद्र की हर सरकार में जातिगत जनगणना का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया था, क्योंकि वे जानते थे जाति की गणना नहीं कराये जाने से कमजोर-पिछड़ों के अधिकारों की हकमारी की जा रही है. उन्होंने आगे लिखा कि नेता जी पिछड़ों के अत्याचार, उत्पीड़न, शोषण और पिछड़ेपन के दंश को जानते थे. उनका मानना था कि जब तक सरकारों को झकझोरा और जगाया नहीं जाएगा, तब तक शक्तिशाली लोग न तो सत्ता में किसी को हिस्सा देंगे और न ही उनका अधिकार. केंद्र सरकार के जातिगत जनगणना कराये जाने की मंजूरी को अखिलेश यादव ने INDIA की जीत बताया है.
कहां अटका है जातिवार जनगणना का मुद्दा?
अखिलेश यादव ने लोकसभा का एक पुराना वीडियो शेयर किया है. मुलायम सिंह यादव तत्कालीन लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार से कहते हैं कि कैबिनेट में जातिगत जनगणना का मुद्दा उठा था. इस दौरान बताया गाय कि अधिकतर लोग जातिवार जगनणना करवाए जाने के पक्ष में थे. वीडियो में सुना जा सकता है कि वे सवालिया अंदाज में कह रहे हैं कि पीएम ने भी इसको लेकर आश्वासन दिया था. नेता सदन भी इससे सहमत हो गए थे फिर वजह क्या हुई बीच में? वे आगे कहते हैं कि जब पीएम और नेता सदन कोई बात कह दें तो जातिवार जनगणना का मुद्दा कहां और क्यों अटका हुआ है? इस बात को हम नेता सदन से जानते हैं, क्योंकि हमने आपकी बात पर भरोसा किया था.




