
लखनऊ/महाराष्ट्र। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश का माहौल है। इस बीच महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने एक विवादित बयान देते हुए कहा कि “हिंदुओं को दुकानदार से सामान खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए।”
रत्नागिरि जिले के दापोली में एक सभा को संबोधित करते हुए नितेश राणे ने कहा,
“अगर वे (आतंकी) हमें मारने से पहले हमारा धर्म पूछते हैं, तो हमें भी दुकानदारों से खरीदारी से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि हिंदू संगठनों को भी इस विषय पर संगठित होकर मांग करनी चाहिए। नितेश राणे ने यह भी सुझाव दिया कि अगर कोई दुकानदार अपना धर्म बताता है कि वह हिंदू है, तो उसे हनुमान चालीसा सुनाने के लिए कहा जाए।
“यदि दुकानदार हनुमान चालीसा न पढ़ पाए, तो उनसे कुछ भी न खरीदें,” राणे ने जोर देकर कहा।
पहलगाम में धर्म के आधार पर की गई थी हत्याएं
गौरतलब है कि हाल ही में कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बैसरन घाटी, पहलगाम में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने भयानक नरसंहार किया। घटनास्थल पर आतंकियों ने पहले मौजूद लोगों से उनका धर्म पूछा। जिन लोगों ने इस्लामी ‘कलमा’ नहीं पढ़ा, उन्हें मौके पर ही गोली मार दी गई। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की दर्दनाक मौत हुई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।
सियासी गलियारों में गर्माया माहौल
नितेश राणे के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। कुछ नेताओं ने इसे सामाजिक सौहार्द के लिए ख़तरनाक बताया है, वहीं भाजपा समर्थक इसे “हिंदुओं की आत्मरक्षा” से जोड़कर समर्थन कर रहे हैं।
विपक्ष का पलटवार
विपक्षी दलों ने राणे के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह के वक्तव्य से देश में साम्प्रदायिक तनाव और बढ़ सकता है। कुछ नेताओं ने चुनाव आयोग और राज्यपाल से इस पर संज्ञान लेने की मांग भी की है।




