उत्तर प्रदेश में बढ़ती ठंड और भीषण शीतलहर को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं. इसके तहत राज्य के सभी स्कूलों को पहली जनवरी तक बंद रखने, रैन बसेरों और अलाव की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने और क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने की हिदायत दी गई है.
लखनऊ:उत्तर भारत इस समय शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में हैं. इस हाड़ कंपकंपाने वाली ठंड में घर से निकलना मुश्किल हो रहा है. घर में भी लोग ठंड का सामना करने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं. दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में ठंड की यही स्थिति है. ऐसे में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 12वीं तक के सभी स्कूलों को 1 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है. सीएम योगी के इस आदेश से ठंड से ठिठुर रहे बच्चों ने राहत की सांस जरूर ली होगी.
ठंड में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि

मैदान में उतरें अफसर, सुनिश्चित करें व्यवस्थाएं
यूपी के कई जिलों में शीतलहर से पारा काफी नीचे चला गया है. न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. यूपी में ठंड में लोगों को कंबल और अलाव का ही सहारा है. मुख्यमंत्री योगी ने शासन और प्रशासन के आला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर जमीनी हकीकत का जायजा लें. सीएम ने कहा कि भीषण ठंड को देखते हुए हर जिले के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव और कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. सीएम योगी ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे शीतलहर के दौरान लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहें, ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके और लोगों को मदद मिलती रहे. अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि सभी रैन बसेरों में पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और किसी भी परिस्थिति में जनता को ठंड से बचाने के लिए तत्पर रहें.
कड़ाके की ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कई कड़े कदम उठाए हैं. सीएम ने प्रदेश के सभी बोर्डों (ICSE, CBSE और यूपी बोर्ड) के कक्षा 12वीं तक के स्कूलों को 1 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि शीतलहर के दौरान बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. स्कूली छात्रों को इस कड़कड़ाती ठंड में सीएम योगी को ये तोहफा कहें, तो गलत नहीं होगा.


