
लोक निर्माण टाईम्स ब्यूरो, नीरज सिंह एडवोकेट की रिपोर्ट
लखनऊ जिले में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी विशाख जी. ने जनशिकायतों की सुनवाई करते हुए कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही की। सरोजनीनगर तहसील में लापरवाही बरतने पर राजस्व निरीक्षक अमावा को तत्काल हटाने और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए गए। वहीं बंथरा नगर पंचायत की शिकायतों के निस्तारण में 6 माह की देरी पर ईओ बंथरा का वेतन रोकने का आदेश भी दिया गया।
समाधान दिवस के प्रमुख बिंदु:
- कुल शिकायतें प्राप्त: 551
- मौके पर निस्तारण: 115 शिकायतें
- तहसीलवार आंकड़े:
- सरोजनी नगर: 143 / 45
- सदर: 50 / 11
- मलिहाबाद: 81 / 12
- बीकेटी: 109 / 25
- मोहनलालगंज: 168 / 22
डीएम ने दिए कड़े निर्देश:
- अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का आदेश।
- प्रत्येक शिकायत के समाधान की फोटो-वीडियो रिपोर्ट अनिवार्य की गई।
- निस्तारण उपरांत शिकायतकर्ता से कॉल पर फीडबैक लेना अनिवार्य।
- सार्वजनिक कार्यों में देरी और शिथिलता पर वेतन रोकने व जवाबदेही तय करने की चेतावनी।
क्या रही प्रमुख कार्यवाहियां:
- राजस्व निरीक्षक (अमावा): मेडबंदी आदेशों के अनुपालन में लापरवाही पर तत्काल हटाए गए, विभागीय जांच के आदेश।
- ईओ बंथरा: सड़क किनारे सूखे ताड़ के पेड़ को हटाने में 6 माह की देरी पर वेतन रोकने का आदेश।
निष्कर्ष:
यह समाधान दिवस प्रशासनिक चुस्ती का परिचायक रहा, जहाँ न केवल समस्याओं का समाधान हुआ बल्कि लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही भी की गई। जिलाधिकारी का सख्त रुख यह संदेश देता है कि अब समयबद्ध जनसेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।



