DGMO Rajiv Ghai: भारत के DGMO से घबराया पाकिस्तान, जानिए कौन हैं ले. जनरल राजीव घई

DGMO Rajiv Ghai: लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई भारतीय सेना के DGMO, जिनकी रणनीति और नेतृत्व में पाकिस्तान को झुकने पर मजबूर होना पड़ा. LOC से लेकर एयर स्ट्राइक तक, हर मोर्चे पर उनकी निर्णायक भूमिका ने भारत को बड़ी सैन्य बढ़त दिलाई है फोन कर सीजफायर की गुहार लगाई गई.

भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को हुए संघर्षविराम समझौते की पृष्ठभूमि में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई. भारतीय सेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO).यह समझौता उस समय हुआ जब पाकिस्तान की ओर से डीजीएमओ स्तर पर भारत को फोन कर सीजफायर की गुहार लगाई गई.

कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई?

अक्टूबर 2024 में सैन्य मुख्यालय साउथ ब्लॉक में डीजीएमओ का पदभार संभालने वाले राजीव घई इससे पहले श्रीनगर स्थित चिनार कोर (15वीं कोर) के कमांडर रह चुके हैं. LOC और कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियानों में उन्हें खास अनुभव है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में आतंकी अड्डों की पहचान और टारगेटिंग में उनकी बड़ी भूमिका रही.

एयर स्ट्राइक से पाकिस्तानी एयरबेस तबाह

रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घई ने खुलासा किया कि कैसे भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस पर सफल एयर स्ट्राइक कर दुश्मन की रणनीति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. इस ऑपरेशन की तैयारी और टारगेट लिस्टिंग में भी डीजीएमओ की अहम भूमिका रही.

डीजीएमओ की रैंक और ताकत

भारतीय सेना में डीजीएमओ थ्री स्टार लेफ्टिनेंट जनरल होता है. जबकि पाकिस्तान में यह पद मेजर जनरल (टू स्टार) अधिकारी को दिया जाता है. भारतीय सेना की संख्या और संसाधन पाकिस्तान से करीब तीन गुना अधिक हैं. वहीं भारत के पास काफी बड़ी रिजर्व फोर्स भी है.

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