पश्चिम बंगाल में सातवें वेतन आयोग का गठन, सरकारी कर्मचारियों के लिए शुभेंदु अधिकारी की बड़ी घोषणा

Suvendu Adhikari: कोलकाता. बंगाल के सभी सरकारी कर्मचारियों, जिनमें शिक्षक भी शामिल हैं, के लिए खुशखबरी है. आखिरकार, पश्विम बंगाल में सातवां वेतन आयोग (7th Pay Commission) का गठन किया जा रहा है. भाजपा के प्रस्ताव में इस वादे का जिक्र किया गया था. अब इसे राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिल गई है. सोमवार को, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नबन्ना में मंत्रिमंडल की बैठक हुई. बैठक में पांच सदस्य उपस्थित थे. सातवें वेतन आयोग का गठन राज्य सरकार के कर्मचारियों, बोर्डों, निगमों, स्थानीय निकायों और शैक्षणिक संस्थानों के वेतन ढांचे में संशोधन करने के लिए किया गया था.

पश्चिम बंगाल में सातवें वेतन आयोग का गठन, सरकारी कर्मचारियों के लिए शुभेंदु अधिकारी की बड़ी घोषणा

लंबे समय से था इंतजार

पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग का लंबे समय से इंतजार था. वेतन आयोग के लागू होते ही सभी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि होगी. नियमों के अनुसार, सभी सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में 10 साल बाद बदलाव होना चाहिए. हालांकि स्वतंत्रता के बाद से वेतन आयोग लागू किया गया है, लेकिन निर्धारित 10 साल की अवधि कई बार बीत चुकी है. यदि इस बार वेतन आयोग लागू होता है, तो राज्य कर्मचारियों के वेतन में भारी वृद्धि होगी.

भाजपा ने किया था वादा

भाजपा ने चुनाव से पहले किये वादों में से एक और वादा पूरा किया है. सातवां वेतन आयोग लागू करने का वादा भाजपा के घोषणापत्र में था. भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान इस वेतन आयोग के गठन की बात बार-बार की थी. नेतृत्व परिवर्तन के बाद कार्यकर्ता इस फैसले की उम्मीद लगाए बैठे थे. इस बार मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के डेढ़ सप्ताह के भीतर ही इस वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी गई.

 

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