उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर विजिलेंस और CBI का बड़ा प्रहार: पांच जिलों में सरकारी अधिकारी रंगे हाथों गिरफ्तार


लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत विजिलेंस विभाग और सीबीआई (CBI) ने संयुक्त अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के पांच अलग-अलग जिलों में तैनात भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिसकर्मी और बाबू शामिल हैं।
1. बागपत: जिला पूर्ति अधिकारी 50 हजार की घूस लेते दबोचे गए
मेरठ विजिलेंस की टीम ने बागपत में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) अनूप तिवारी और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी जोगिंदर सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अधिकारियों पर आरोप है कि वे एक कोटेदार से कमीशन के भुगतान और राशन की दुकान को बिना किसी बाधा के चलाने के बदले 50,000 रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। विजिलेंस ने जाल बिछाकर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
2. मेरठ: कैंट बोर्ड सदस्य को CBI ने 3 लाख रुपये के साथ पकड़ा
भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा मामला मेरठ से सामने आया है, जहाँ छावनी बोर्ड (Cantonment Board) के नामित सदस्य सतीश कुमार शर्मा को CBI की विशेष ट्रैप टीम ने गिरफ्तार किया। आरोपी ने गांधी बाग में पार्किंग, कैंटीन और एंट्री फीस वसूली के टेंडर को सुचारू रूप से जारी रखने के एवज में 3 लाख रुपये की भारी भरकम रिश्वत की मांग की थी।
3. कन्नौज: बैनामा कराने के नाम पर सब-रजिस्ट्रार गिरफ्तार
कन्नौज की सदर तहसील में कानपुर विजिलेंस की टीम ने सब-रजिस्ट्रार (डिप्टी रजिस्ट्रार) अश्वनी कुमार वर्मा और उनके निजी दलाल जितेंद्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी जमीन का दाखिल-खारिज और बैनामा करने के नाम पर एक स्थानीय ग्रामीण से 60,000 रुपये की घूस ले रहे थे।
4. हापुड़: फर्जी टैक्स केस दबाने के लिए स्टेनो ले रहा था घूस
हापुड़ में सहायक कमिश्नर राज्य कर (State Tax) कार्यालय में तैनात स्टेनो जयदीप को मेरठ विजिलेंस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जयदीप एक स्थानीय व्यापारी के फर्जी टैक्स मामले को रफा-दफा करने के नाम पर 24,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
5. अमेठी: समझौता कराने के नाम पर घूस लेते सिपाही सस्पेंड
अमेठी के जायस थाने में तैनात कांस्टेबल चंदन कन्नौजिया को एंटी करप्शन ब्यूरो अयोध्या की टीम ने 9,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा। सिपाही एक स्थानीय मामले में समझौता कराने के लिए पैसे की मांग कर रहा था। गिरफ्तारी के तुरंत बाद विभाग ने आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
इन सभी गिरफ्तारियों के बाद संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है। विजिलेंस और सीबीआई ने सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

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