राहुल गांधी ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है और सवाल पूछा है कि क्या लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत नहीं है? उन्होंने लिखा है कि जब छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तो उनपर पैलेट गन क्यों चलाए गए और इसके लिए इजाजत किसने दी.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है और उनसे पूछा है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बर्बर हमले क्यों किए गए और इसकी जवाबदेही किसके ऊपर है. उन्होंने लिखा है कि छात्रों पर हुए बर्बर हमले की जवाबदेही तय की जाए. पैलेट गन का शिकार होने की वजह से एक 19 साल के लड़के को गंभीर चोट आई है. साहिल लोचब नाम के उस लड़के की आंख में गोली लग गई है, जिसकी वजह से उसकी आंखों की रोशनी जा सकती है.सोशल मीडिया में जिस तरह के वीडियो आ रहे हैं, उससे यह पता चलता है कि वह गंभीर दर्द में है.
राहुल गांधी ने पत्र में यह लिखा है कि दिल्ली पुलिस आपके अधीन आती है इसलिए मैं आपसे कुछ सवाल पूछना चाहता हूं-
- पैलेट गन चलाने की अनुमति उन्हें किसने दी?
- .क्या गृह मंत्री के रूप में आपने छात्रों के खिलाफ पैलेट गन सहित घातक बल प्रयोग की अनुमति दी थी? यदि नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? सादे कपड़ों में छात्रों की पिटाई करते दिखाई दे रहे लोग पुलिसकर्मी थे या स्वयंसेवक? उनकी तैनाती की अनुमति किसने दी थी?
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत सबको है. फिर छात्रों के साथ इस तरह का बर्बर व्यवहार क्यों किया गया? इसके लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए. इस सवाल का जवाब पूरा देश आपसे जानना चाहता है.1





