भारत ने संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर पहले ही पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी थी, इसके बावजूद पाकिस्तान ने फायरिंग जारी रखी. इस मामले को लेकर दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) ने मंगलवार को हॉटलाइन पर बातचीत की और पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए उल्लंघन पर चर्चा की.
अतिरिक्त बीएसएफ जवानों को तैनात किया गया
मंगलवार सुबह तक संघर्ष विराम उल्लंघन केवल नियंत्रण रेखा तक ही सीमित था, लेकिन मंगलवार देर रात जम्मू के परगवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा गोलीबारी शुरू किए जाने के बाद स्थिति और बिगड़ गई. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर परागवाल सेक्टर में गोलीबारी के बाद अतिरिक्त बीएसएफ जवानों को तैनात किया गया है. सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में तैनात भारतीय सेना के जवानों ने मौजूदा स्थिति और संघर्ष विराम उल्लंघन के बारे में सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) को जानकारी दी.
युद्धविराम समझौते का कुछ दिन पहले तक हो रहा था पालन
तनाव कम करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया था. भारतीय और पाकिस्तानी सेनाओं ने 25 फरवरी, 2021 को घोषणा की कि वे 2003 के युद्धविराम समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी बंद कर देंगे. पिछले सप्ताह तक संघर्ष विराम समझौते का मोटे तौर पर पालन किया जा रहा था. भारत के इस दावे के बाद कि वह पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों का पता लगाएगा, पाकिस्तानी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है.सरकारी सूत्रों के हवाले से इंडिया टुडे ने जो खबर दी है उसके अनुसार, मंगलवार को रक्षा अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई निर्देश दिए. पीएम ने कहा कि आतंकवादी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया के तरीके, टारगेट और समय पर निर्णय लेने के लिए सशस्त्र बल पूरी तरह से स्वतंत्रत है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद को करारा झटका देना राष्ट्रीय संकल्प है.
